

मोगा 3 फरवरी (मुनीश जिन्दल)
विभिन्न राजनीतिक पार्टियां व किसान जत्थेबंदियां, जहां इस बजट को लोक व किसान हितैषी ना बताते हुए अपने अपने तथ्य पेश कर रही हैं, वहीं शहर का, महिलाओं का एक बड़ा बुद्धिजीवी वर्ग, केंद्र सरकार के इस बजट को जहां मध्यम वर्ग सहित आम लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बता रहा है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनका मामना है कि इस बजट में महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को, कोई राहत नहीं दी गई है।



‘मोगा टुडे न्यूज़’ की टीम से बात करते हुए IVF माहिर डा. विनीश गुप्ता ने इस बजट को आम आदमी के लिए एक दोस्ताना बजट बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जो जीवन रक्षक औषधियों सहित स्थाई बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी ख़तम की गई है, उससे प्रतेक वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। क्यूंकि अब इन लम्बी व महंगी बिमारियों से निपटने में लोगों को एक बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने जो 12 लाख रु तक की आमदनी पर आयकर रिटर्न भरने से छूट दी है। उससे भी प्र्तेक वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।



रिटायर्ड प्रिंसिपल सुमन मल्होत्रा ने इस बजट को मध्यम वर्ग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि अगर गहराई से केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट का अध्ययन किया जाए, तो यह अत्यंत राहत देने वाला बजट है। इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि बजट में जो आयकर के स्लैब में राहत दी गई है, वह बहुत ही प्रशंसनीय है। क्यूंकि इसका लाभ किसी एक विशेष वर्ग को ना होकर, देश के अधिकतर लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने, केन्द्र सरकार द्वारा मोबाईल के स्पेयर पार्ट सस्ते करने पर भी सरकार का धन्यवाद किया है।



आम आदमी पार्टी की प्रांतीय सह सचिव सोनीया ढंड ने इस बजट को कुछ ख़ास नहीं बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई, इस वक्त अपने चरम पर है। लेकिन केंद्र सरकार ने अपने इस बजट में महंगाई की रोकथाम के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया। ना ही माध्यम वर्ग की सेहत व उनके बच्चों की शिक्षा की और कोई विशेष ध्यान दिया गया है। जिसके चलते आज मध्यम वर्गीय, अपने बच्चों को विदेश भेजने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को समस्त राज्यों में ऐसे सैंटर खोलने चाहिएं, जहां बच्चे अपने अपने जिलों में ही उच्च शिक्षा की तैयारी कर सकें। ना कि उन्हें चंडीगढ़ इतियादी शहरों का रुख करना पड़े।



मैडिकल लाइन में होने के नाते डाक्टर अंजू गर्ग ने इस बजट को आम आदमी के लिए हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने स्थाई बीमारियों की दवाओं सहित जीवन रक्षक औषधियों पर कस्टम ड्यूटी ख़तम कर प्र्तेक वर्ग के लोगों का विशेष ध्यान रखा है। केन्द्र सरकार के इस कदम से प्रतेक वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जो 12 लाख रु तक की आमदनी पर आयकर रिटर्न भरने से छूट दी गई है। केन्द्र सरकार का ये फैसल फैंसला भी किसी विशेष वर्ग के हित्त में न होकर प्र्तेक वर्ग के लिए ही लाभकारी है। जिसके लिए उन्होंने केन्द्र सरकार को इस बजट के लिए बधाई दी है।



डी.एन.मॉडल स्कूल की कॉमर्स विभाग की अध्यापिका कोमल थापर ने हलांकि इस बजट में रोजगार प्राप्ति के अवसर की कमी बताई है, लेकिन, फिर भी, उन्होंने इस बजट को मध्यम वर्ग के लिए, एक दोस्ताना बजट बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने जो 12 लाख रु तक की आमदनी पर आयकर रिटर्न भरने से छूट दी है। वो किसी एक विशेष वर्ग के लिए नहीं है, अपितु उसका लाभ प्र्तेक वर्ग को मिलेगा। इसके साथ ही जो केन्द्र सरकार की और से 36 स्थायी बिमारी की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी ख़तम की गई है, इससे प्र्तेक व्यक्ति के लिए अब स्थाई बीमारियों से झूझना थोड़ा आसान हो जायेगा।


ग्रहणी अनीता मेहता ने इस बजट को एक शानदार बजट बताते हुए कहा कि, इस बजट को प्रत्येक वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस बजट में जो विभिन्न स्लैब बनाकर आयकर की दरों में भारी राहत दी है, उसके लिए मोदी सरकार बधाई की पात्र है। पहले नौकरीपेशा लोगों की बड़ी राशि, आयकर के रूप में ही चली जाती थी। इसके साथ ही अनीता ने कहा कि जो LED, LCD सहित मोबाईल फोन के स्पेयर पार्ट्स के दाम कम किए गए हैं, वो भी आम लोगों की बेहतरी के लिए किया गया एक प्रशंसनीय प्रयास है। शायद, ऐसा बजट हमें पहली बार मिला है।

