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पंजाब पुलिस का आईआरबी का जवान, चार साथियों सहित गिरफ्तार !!

चोरी के दो मोटरसाइकिल व चार मोबाइल फोन भी बरामद !! मोगा 28 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) कुछ लोगों को जब कोई कीमती चीज आसानी से मिल जाती है, तो उन्हें शायद उसकी कदर नहीं रहती। जहां लाखों लोग सरकारी नौकरी पाने के लिए सारी उमर धक्के खाते रहते हैं। वहीं पंजाब के जिला मोगा के गांव दौधर शरकी के पंजाब पुलिस के आईआरबी विभाग के जवान को उसके पिता की मौत के बाद मिली यह नौकरी शायद उसे हजम नहीं हुई। हालांकि इस वक्त जनाब बठिंडा की सैंट्रल जेल में तैनात थे। लेकिन पिछले 2 महीने से अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर होकर यह शख्स अपने साथियों सहित मिलकर राहगीरों से मोटरसाइकिल व उनके मोबाइल फोन छीनने का काम कर रहा था। लेकिन वो कहते हैं ना कि ‘सौ सुनार की, एक लोहार की’।  और आखिरकार एक गुप्त सूचना के आधार पर उक्त आईआरबी जवान अपने चार साथियों सहित जिला मोगा की पुलिस चौकी लोपो की पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने काबू किए इन पांच लोगों से चोरी के दो मोटरसाइकिल व चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। आपको यहां बता दें कि पुलिस द्वारा काबू किए गए इन पांच लोगों में से गुरमुख सिंह नामक व्यक्ति पर पहले से दो मामले दर्ज हैं। जबकि इन लोगों की गिरफ्तारी से पिछले तीन मामले भी ट्रेस हुए हैं। इस संबंधी मीडिया से डीएसपी निहाल सिंह वाला अनवर अली ने जानकारी साझा की। इस मौके पर उनके साथ पुलिस चौकी लोपो के इंचार्ज जसवंत सिंह व पुलिस थाना बधनी कलां के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरमेल सिंह जी मौजूद थे। क्या बताया डीएसपी अनवर अली ने, आप भी सुन लें :  PPS ANWAR ALI, DSP NIHAL SINGH WALA

30 दिसंबर को सोचकर निकलें इस सफर पर ! खबर देखकर ही लेना फैंसला !!

मोगा 28 दिसंबर (अशोक मौर्य) किसानों की और से 30 दिसंबर को पंजाब बंद का ऐलान किया गया है। इस बन्द में जहां कुछ जत्थेबंदियों ने इस बन्द को अपना समर्थन दिया है। वहीं राज्य की इस महत्वपूर्ण जत्थेबन्दी ने भी इस बन्द को अपना समर्थन देने का फैंसला लिया है। जिसके चलते अब 30 दिसंबर को यात्री खासे परेशान होने वाले हैं। हमारी ‘मोगा टुडे न्यूज़’ की टीम की और से आपको यही गुजारिश है कि अगर 30 दिसंबर को आप इस सफर को करने के लिए सोच रहे हैं, तो इस खबर को देखने के बाद अपने जाने का समय जरूर निश्चित करलें। मीडिया के रूबरू जत्थेबंदी के जिम्मेवार औहदेदारों ने अपने यूनियन के फैंसले संबंधी हमसे जानकारी साझा की :  BALJINDER SINGH BACHITTAR SINGH

दो सगे भाइयों सहित कुल 7 लोग आपत्तिजनक सामान सहित काबू !! जानो पूरा मामला………..

पुलिस थाना बाघापुराना के प्रभारी जसवरिंदर सिंह पुलिस पार्टी सहित एक परिवार से बात करते हुए। (छाया: रिक्की आनंद) मोगा 27 दिसंबर (रिक्की आनन्द) जिला मोगा पुलिस के 50 से अधिक जवानों व पुलिस अधिकारियों ने एक साथ जिला मोगा की सब डिवीजन बाघापुराना के गांव संगतपुरा, राजेयाना व बाघापुराना के महंता वाला मोहल्ला में रेड कर दो सगे भाइयों सहित कुल 7 लोगों को चोरी के मोटरसाइकिल, हीरोइन व नशीली गोलियों सहित गिरफ्तार किया है। इस संबंधी मीडिया से डीएसपी बाघापुराना जोरा सिंह ने जानकारी सांझा की : PPS JORA SINGH (DSP SUB DIVISION BAGHAPURANA)

युवक ने घोटना मार, की सगी बहन की हत्या ! नानी ने करवाया मामला दर्ज !!

बाघापुराना के DSP जोरा सिंह, थाना समालसर की पुलिस पार्टी के साथ पत्रकारों को जानकारी देते हुए। (छाया: डैस्क) मोगा 27 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) जिला मोगा के गांव वैरोके में एक 19 वर्षीय युवक द्वारा अपनी सगी बहन को लक्कड़ के ‘मिर्च कूटने वाले घोटने’ से उसके सिर पर वार कर उसकी हत्या का मामला सामने आया है। वैसे तो यह दोनों भाई बहन जिले के गांव फतेहगढ़ कोरोटाना के रहने वाले हैं। लेकिन इस युवक द्वारा इस हत्या को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब यह दोनों जिले के ही गांव वैरोके में अपनी नानी के पास आए हुए थे। फिलहाल थाना समालसर की पुलिस द्वारा 70 वर्षीय नानी रानी कौर के बयानों के आधार पर उसके 19 वर्षीय दोहते ममपाल के खिलाफ अधीन धारा 103 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस हत्या को अंजाम देने के कुछ देर बाद ही समालसर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार भी कर लिया। लेकिन इस हत्या के पीछे क्या कारण रहा ? इस संबंधी डीएसपी बाघापुराना जोरा सिंह ने मीडिया कर्मियों से खुलासा किया। क्या बताया डीएसपी जोरा सिंह ने, आप भी सुनें :  PPS JORA SINGH, (DSP BAGHAPURANA)

कनाडा से आई बुरी खबर ! पंजाबियों के सपनों पर आघात !!

कनाडा / मोगा 27 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) कनाडा के इमिग्रेशन सिस्टम को मजबूत करने के मकसद से कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने अब एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। जिसके चलते उन भारतीयों के लिए, जो की आगामी भविष्य में पक्के तौर पर कनाडा बसना चाहते हैं, अब उनका यह सपना इतना सरल नहीं रह जाएगा। क्योंकि अब केनेडा की जस्टिन ट्रुडो सरकार ने अब तक भारतियों की फाइलों में मिलने वाले प्रमुख दस्तावेज लेबर ‘जॉब ऑफर लैटर’ के अतिरिक्त पॉइंट्स बंद करने का फैंसला लिया है। और ये नया नियम 2025 के वसंत मौसम से लागू हो जायेगा।  पुंजबियन के गौरख धंधे पर असर : आपको बतादें कि अभी तक अगर कोई भारतीय पक्के तौर पर कनाडा बसना चाहता था तो लेबर मार्केट इम्पैक्ट असैसमैंट (LMIA) उसकी फाइल का एक एहम दस्तावेज होता था। या दुसरे शब्दों में, वर्णनयोग्य है कि लेबर मार्केट इम्पैक्ट असैसमैंट (LMIA), जहां कनाडा कनाडा में स्थाई तौर पर बसने का सपना देख रहे आवेदक व उसके परिवार के लिए एक रामबाण का काम करता था, वहीं इम्मीग्रेशन के धंधे से जुड़े लोग अपने ही भारतियों/ पंजाबी लोगों से लेबर मार्केट इम्पैक्ट असैसमैंट (LMIA) लैटर के नाम पर मोटी व मुंह मांगी रकम ऐंठकर बड़े स्तर पर उनका शोषण करते थे। क्यूंकि आपके स्थाई तौर पर आवेदन की फाइल में लेबर मार्केट इम्पैक्ट असैसमैंट (LMIA) का दस्तावेज होने से आपको कैटागिरी के हिसाब से उसके 50 से 200 अंक मिल जाते थे। जिससे आपका CRS (कंप्रिहेंसिव रैंकिंग सिस्टम) पॉइंट सिस्टम बहुत मजबूत हो जाता था। और आप आसानी से कम समय में उत्तरी अमेरिका के कनाडा जैसे देशों के स्थाई वसनीक हो जाते थे। यहां ये भी वर्णन योग्य है कि अगर हम लेबर मार्केट इम्पैक्ट असैसमैंट (LMIA) के गौरख धंधे की बात करें, तो इससे गौरे (अंग्रेज) लोगों को लोई लेना देना नहीं है। 98 प्रतिशत से अधिक भारतीय, खासकर पंजाबी लोग ही इस गौरख धंधे में लिप्त हैं। अगर आज भी कनाडा सरकार अगर पिछले कुछ वर्षों की फाइलें पुनः खंगालती है तो, तो अनेक पंजाबियों का डिपोर्ट होना तय है। अब 2025 से लागू होने वाले नए नियमों के मुताबिक़ एक्सप्रेस एंट्री के माध्यम से परमानेंट रेजिडेंसी के लिए अप्लाई करने वालों को जॉब ऑफर लेटर के एडिशनल पॉइंट नहीं मिलेंगे। दरअसल एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम के माध्यम से कनाडा सरकार स्किल्ड वर्कर्स के ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करती है। और हम पंजाबी लोग किसी ना किसी जुगाड़ के माध्यम से जॉब ऑफर लैटर हासिल कर लेते थे। और इस जॉब ऑफर लैटर के 50 से 200 पॉइंट्स जुड़ने से ये कागज आवेदकों के लिए एक गेम चेंजर का काम करता था।  कनाडा सरकार को क्या होगा इसका फायदा :  कनाडा के मिनिस्टर ऑफ़ इमीग्रेशन, रिफ्यूजी व सिटीजनशिप मार्क मिलर की इस घोषणा से भले ही उन भारतियों को, जो कि निकटतम भविष्य में कनाडा बसना चाहते थे, अपने सपनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। लेकिन कनाडा सरकार का ये बदलाव कनाडा के लिए आने वाले समय में फायदेमन्द साबित होगा। क्यूंकि अधिकतर गैर प्रशिक्षित लोग पैसे के बल पर जॉब ऑफर लैटर हासिल कर लेते थे और वहां के स्थाई वसनीक बन जाते थे। आप खुद ही अंदाजा लगालें कि जब किसी भी देश में गैर प्रशिक्षित लोग वहाँ का काम काज संभालेंगे, तो यकीनन वे लोग उस देश के सर्वपक्षीय विकास के लिए कहीं ना कहीं घातक सिद्द होंगे। कनाडा सरकार की पैनी नजर थी इस गौरख खेल पर  ऐसा नहीं है कि कनाडा सरकार पंजाबियों के इस गौरख खेल से अनजान थी। एक लम्बे समय से सरकार इस पर अंकुश लगाना चाहती थी। इस बात की भनक वहां रह रहे पंजाबियों को भी थी, कि इस मामले में सख्ती कभी भी हो सकती है। और आखिरकार वही हुआ, जिसका अंदेशा था। कनाडा सरकार के मिनिस्टर ऑफ़ इमीग्रेशन, रिफ्यूजी व सिटीजनशिप मार्क मिलर ने दिसंबर 23 को, की अपनी घोषणा में स्पष्ट कर दिया है कि 2025 से एक्सप्रेस एंट्री के आवेदकों को अब जॉब ऑफर लेटर के एडिशनल पॉइंट नहीं मिलेंगे। कनाडा सरकार ने अपने ब्यान में ये भी स्पष्ट किया है कि उनका इस प्रणाली में बदलाव का प्रमुख उद्देश्य एप्लीकेशन सिस्टम के स्किल्ड वर्कर्स कैटेगरी में चल रहे फ्रॉड को कम करना है। फिलहाल कनाडा सरकार ने अपने इस कदम को एक टेंपरेरी कदम बताते हुए कहा है कि उनकी इस घोषणा से एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में जॉब ऑफर लेटर के माध्यम से चल रहे गौरख धंधे को रोक लगेगी। इसके साथ ही सरकार ने अपने ब्यान में स्पष्ट किया है कि ‘हम कुछ जरूरी कदम उठा रहे हैं। ताकि ‘स्किल्ड टैलेंट’ जिसकी कि कनाडा को हमेशा से ही जरूरत रही है। स्किल्ड विदेशियों के कनाडा आने से हमेशा ही कनाडा के लिए फायदेमन्द रहा है।हमारा मकसद, बेहतरीन व होनहार लोगों को कनाडा लाना है। ताकि वे लोग यहां आकर, यहां बसकर, क्वालिटी नौकरियां कर, अपने घरों का बढ़िया पालन पोषण कर सकें’।  पुराने आवेदकों पर इसका असर  कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने अपनी घोषणा में स्पष्ट किया है कि ये बदलाव 2025 के वसंत के मौसम से लागू होंगे। जो लोग पहले से स्थाई रेसीडेंसी के लिए आवेदन कर चुके हैं, उनके ऊपर यह घोषणा लागू नहीं होगी। इसके इलावा जिन लोगों को पहले से ही कनाडा सरकार की और से इस संबंधी आमंत्रण (INVITATION) प्राप्त हो चुका है, उन आवेदकों के केस पर भी इस घोषणा का कोई असर नहीं पड़ेगा। 

दूकानदार के नौकर ने मालिक से मांगी 60 लाख की फिरौती ! फिर देखो अंजाम………

मोगा 27 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) दुकानदारों को अक्सर अपने विभिन्न कामों के लिए दुकान पर मुलाजिम रखने ही पड़ते हैं। और जैसे-जैसे वक्त गुजरता है, वैसे-वैसे मुलाजिम भी पुराना होते होते लगभग एक पारिवारिक सदस्य जैसा ही बन जाता है। दुकानदार को यह नहीं पता होता कि जिस मुलाजिम को अब वह अपने बच्चे के समान समझने लगा है, उसके मन में अपने मालिक को लेकर क्या चल रहा है। कुछ इसी तरह का एक मामला सामने आया है पंजाब के मोगा शहर में, जहां पर एक कपड़ा व्यापारी के पुराने मुलाजिम ने अपने साथियों सहित मिलकर, एक गैंगस्टर के नाम पर उक्त कपड़ा व्यापारी, अपने पुराने मालिक को व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर 60 लाख रुपए की फिरौती मांग डाली। फिलहाल ये लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं व संबंधित थाना सिटी एक की पुलिस द्वारा काबू किए गए चारों ही युवकों के खिलाफ अधीन धारा 308(4), 308(5), 351(1), 351(3), 62 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। आइए पहले हम आपको उस पुराने मुलाजिम व उसके अन्य तीन साथियों के दर्शन करवा दें : अब आपके जेहन में अनेकों सवाल उठ रहे होंगे। कि आखिरकार कौन हैं ये लोग ? कहां के रहने वाले हैं लोग ? क्या है इनका आपराधिक पिछोकड़ ? किस गैंगस्टर का नाम लेकर इन्होने मांगी थी फिरौती ? आपके और हमारे इन सभी सवालों के जवाब एसपीडी बालकृष्ण सिंगला ने मीडिया कर्मियों से एक पत्रकार वार्ता में साझा किए। उस वक्त उनके साथ DSP सिटी रविंदर सिंह व थाना सिटी एक के प्रभारी गुरप्रीत सिंह भी मौजूद थे। क्या बताया उन्होंने, आइए सुनते हैं :  PPS BAL KRISHAN SINGLA, (SPD MOGA) ADDRESSING A PC

शायद ! किसी बड़े हादसे के इन्तजार में है पुलिस प्रशासन !!

मोगा 26 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) दोस्तों, पिछले समय में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवन्त सिंह मान की ओर से एक बयान जारी हुआ था कि जिस भी जिले में भ्रष्टाचार होगा, वहां के डिप्टी कमिश्नर व जिला पुलिस प्रमुख उसके लिए जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान ने लोगों की खूब वाह वही लूटी। शायद पार्टी के वोट बैंक में भी कुछ इजाफा हुआ हो। अब समूचे राज्य में भ्रष्टाचार की क्या स्थिति है ? भृष्टाचार पर कितनी नकेल डली है ? इसका अंदाजा आप अपने खुद के जिले से ही लगा सकते हैं। खैर, दोस्तों भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में आप, किसी काम के लिए, किसी व्यक्ति को पैसे देते हैं। अब आपका काम होता है या नहीं। ज्यादा से ज्यादा आपका आर्थिक नुकसान होता है। अधिकतर मामलों में आपकी जान को उसमें कोई खतरा नहीं होता। लेकिन आज जो मुद्दा हम आपके सामने लेकर आए हैं, वह है सड़क पर दौड़ते ‘मौत के दूतों’ का। जी हां, सही पढ़ा है आपने। हमने इन्हें ‘मौत के दूत’ इसलिए कहा है, क्योंकि जब ऐसे हर तरफ से ओवरलोडेड वाहन किसी से टकराते हैं, तो इन वाहनों का तो कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन अधिकतर मामलों में, जिसके साथ ये वाहन टकराते हैं, शायद उसका कुछ भी नहीं बचता। वैसे भी आप अपनी स्क्रीन पर साफ़ देख सकते हैं, कि किस प्रकार ऐसे ओवरलोडेड वाहन, सड़क पर चलते समय एक की जगह दो ‘लेन’ (Lane) रोकते हैं। अनेक स्थानों पर तो रोड इतना तंग होता है कि इन्हें ओवरटेक करना यानी कि ‘यमराज महाराज’ को खुद दावत देना है। साथीयों जो तस्वीर आपने ऊपर देखी है, ये राष्ट्रीय राज मार्ग 5 (फिरोजपुर-मोगा रोड, जिला फिरोजपुर) पर दौड़ते एक ‘मौत का दूत’ की 18 दिसंबर, 2024 को ली गई थी। लेकिन ये आलम एक दिन तक सीमित नहीं है, इन ‘मौत के दूतों’ को अनेकों बार इस राष्ट्रीय राज मार्ग पर दौड़ते देखा गया है व देखा जा सकता है।  इतिहास गवाह है ! पुलिस का रिकॉर्ड गवाह है ! सड़की हादसों में मौत के आंकड़ें गवाह हैं ! कि अनेकों लोग इन ‘मौत के दूतों’ से टकराकर अपनी कीमती जान गंवा चुके हैं। और दोस्तों हैरानी की बात यह है कि हर तरफ से ओवरलोड होने के बावजूद, पीछे कोई ‘इंडिकेशन’ ना होने के बावजूद, पिछली तरफ का कोई साइड इंडिकेटर न होने के बावजूद, अधिकतर वाहनों में तूड़ी के ऊपर जीवित इंसान बैठे होने के बावजूद, यह ‘मौत के दूत’ अनेक जिलों के पुलिस नाकों से गुजरते हुए सैकड़ो किलोमीटर का सफर तय करते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोई भी पुलिस अधिकारी इन्हें ‘बन्द’ (Empound) करना तो दूर की बात है, इनका चालान करने की भी जहमत तक नहीं करता है। या दुसरे शब्दों में आप ये कह सकते हैं कि मुख्यमंत्री भगवन्त सिंह मान के ब्यान के बाद भृष्टाचार कितना ख़तम हुआ है, इसका जीता जागता सबूत आपके सामने है। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की ये कारगुजारी देखकर ऐसा प्रतीत होता है, कि शायद ये लोग किसी बड़े हादसे के इंतजार में हैं। जिसके बाद यह लोग अपनी कुंभ करनी नींद से जागकर, इंसानी जीवन की कीमत समझते हुए, माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए, इन ‘मौत के दूतों’ को सड़क पर चलने से रोकेंगे। दोस्तों, हमारी ‘मोगा टुडे न्यूज़’ की टीम की राय है कि जब भी ऐसा कोई ‘मौत का दूत’ कहीं भी पकड़ा जाता है। तो वह जिस जिस जिले के जिस जिस पुलिस नाके से होकर वहां तक पहुंचा हो, तो उन सभी जिलों के संबंधित पुलिस व  प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर इतना स्टाफ होने के बावजूद भी किसी जिले का पुलिस प्रशासन, ऐसे वाहनों पर नकेल नहीं डाल सकता, तो इसका सीधे अर्थ यही है कि संबंधित अधिकारी अपने नीचे स्टाफ से काम लेने में सक्षम नहीं है। हमारी राय में, इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों का तबादला कर उन्हें कोई नीचले स्तर का विभाग दे दिया जाना चाहिए।  साथियों वैसे तो आपके व हमारे, विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनेक तरह की खबरों, वीडियो व रील का आना एक आम बात है। और हम उन खबरों को पढ़कर, उन्हें अनदेखा कर, ऐसे मुद्दों प्रति अपनी कोई जिम्मेवारी ना समझते हुए अपने ‘टच’ मोबाइल को स्क्रोल कर, कहीं और किसी अन्य प्लैटफॉर्म पर चले जाते हैं। ऐसा नहीं होता है, कि खबर में दिखाया गया मुद्दा हमसे संबंधित नहीं होता या हमें प्रभावित नहीं करता। लेकिन हमारा मानना होता है कि हमने क्या लेना है, कोई और इसके लिए आवाज उठा लेगा, आराम तो हमें भी पहुंच ही जायेगा। लेकिन फिर भी हमारी ‘मोगा टुडे न्यूज़’ की टीम की आपसे गुजारिश है कि अगर आप हमारी इस राय से सहमत हैं, तो इस खबर को शेयर जरूर करें। ताकि हमारे और आपके ऐसा करने से जहां हम शायद सरकार को कुंभ करनी नींद से जगाने में सफल हो सकेंगे। वहीं शायद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी इस मुद्दे के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेवारी समझते हुए सड़कों पर दौड़ते इन ‘मौत के दूतों’ पर नकेल डालना शुरू करदें। और शायद आपके और हमारे इस सांझे प्रयास से हम आगामी भविष्य में अनेक कीमती जानें बचा सकें।

‘वीर बाल दिवस’ मौके अग्रवाल समाज सभा का पहल सराहनीय !!

मोगा 26 दिसंबर (अशोक मौर्य) ‘वीर बाल दिवस’ के उपलक्ष्य में अग्रवाल समाज सभा ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लुधियाना में पौधारोपण अभियान आयोजित किया। महाराजा अग्रसेन वैली, दुगरी ब्रिज के पास वाली सड़क पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 200 पौधे लगाए गए। इन पौधों में पल्मेरिया, रॉयल पाल्म और वॉशिंग स्टोन जैसी प्रजातियों के पौधे शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस शुभम अग्रवाल थे। जिन्होंने सभा के इस प्रयास की पहल की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उस्पस्थिति से अधिकाधिक पौधे लगाने की अपील की। जिससे जहां समाज तो पर्यावरण से परिपूर्ण रहेगा ही, वहीं आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरा-भरा वातावरण भी मिलेगा। इस अवसर पर एमएलए लुधियाना कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे युवराज सिद्धू भी खास तौर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर अग्रवाल समाज सभा के सदस्यों ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और समाज के अन्य लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। सभा के अध्यक्ष डॉ अजय कंसल जी ने बताया कि यह पहल पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए अग्रवाल समाज सभा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सभा ने ली है। इस आयोजन ने ना केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया है, बल्कि समाज में सामूहिक प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल अग्रवाल समाज सभा का यह प्रयास लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। इस तरह के कार्यक्रम आगामी भविष्य में भी जारी रहेंगे।

दाढ़ी मूंछ आते ही, कर दिया बड़ा कांड ! फिर देखो अंजाम……….

मोगा 26 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) आइए पहले आप जरा इन दोनों महान युवकों के दर्शन कर लें : इन दोनों नकाबपोश युवकों में से एक की उम्र 20 वर्ष जबकि दूसरे की मात्र 19 साल है। इन दोनों को सीआईए स्टाफ मैहना व धर्मकोट की पुलिस ने मशक्कत के बाद एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया है। कौन हैं ये युवक ?  क्या कसूर है इनका ? इतनी छोटी उम्र में, इन्होने ऐसा क्या कांड कर दिया ? कि फिलहाल ये लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं। हमारे इन सभी सवालों के जवाब एसपी हेड क्वार्टर गुरशरणजीत सिंह संधू ने एक पत्रकार वार्ता कर मीडिया कर्मियों से साझा किए। इस मौके पर उनके साथ डीएसपी डी लवदीप सिंह गिल, सीआईए स्टाफ मैहना के प्रभारी दलजीत सिंह बराड़ व सीआईए स्टाफ की पुलिस पार्टी मौजूद थी। क्या बताया एसपी हेडक्वार्टर गुरशरणजीत सिंह ने, आइए आप भी सुन लें : PPS GURSHARANJEET SINGH SANDHU, (SPH MOGA) ADDRESSING A PC

तुलसी दिवस पर अग्रवाल समाज सभा ने बांटे तुलसी के पौधे !!

मोगा 25 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) तुलसी दिवस के अवसर पर अग्रवाल समाज सभा ने तुलसी के पौधे वितरित किए। नगर सुधर ट्रस्ट के नजदीक सभा के जिला प्रधान सुरेंद्र कंसल की अगुवाई में आयोजित इस प्रोग्राम के मौके पर समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस मौके पर सुरेंद्र कंसल ने उपस्थिति को तुलसी के पौधे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तुलसी केवल एक पौधा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तुलसी में औषधीय गुण होते हैं, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि पर्यावरण को शुद्ध करने में भी मदद करते हैं। सभा ने तुलसी के पौधे बांटकर लोगों से अपील की कि वे इसे अपने घरों और आसपास लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। सभा के इस प्रयास को स्थानीय नागरिकों ने पसंद किया। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी पर्यावरण और तुलसी के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम का समापन समाज के सदस्यों और उपस्थित लोगों के बीच पौधारोपण की शपथ के साथ हुआ। इस अवसर पर राजीव सिंगला, मनोज बांसल, दविंदर सिंगल,  कृष्ण गोयल, राहुल जिंदल, रविंदर कुमार गोयल, महेश बंसल, हैप्पी गुप्ता आदि उपस्थित थे। 
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