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नगर निगम की लापरवाही ने एक निर्जीव में डाले प्राण ! धरोहर को बचाने, अदालत जाएंगे वातावरण प्रेमी !!

मोगा 13 जुलाई, (मुनीश जिन्दल) साथियों आपको खबर की हैडिंग पढ़कर यही लग रहा होगा कि शायद आपने गलत पढ़ लिया है या हम गलत हैडिंग लिख गए हैं। लेकिन नहीं जनाब हमारी हैडिंग भी सही है और आपने भी सही पढ़ा है। हमने यही हैडिंग लगाई है कि ‘नगर निगम की लापरवाही ने एक निर्जीव में प्राण डाले हैं’। दोस्तों अक्सर आपने और हमने किसी भी विभाग की लापरवाही के चलते नुकसान होने की खबरें तो बहुत पढ़ी, सुनी व देखी हैं। लेकिन अगर हम आपको कहें कि किसी विभाग की लापरवाही के चलते किसी निर्जीव में प्राण वापिस आ गए हैं, तो बेशक यह सुनने में आपको बहुत अजीब लगेगा, लेकिन स्थानीय कश्मीरी पार्क में कुछ ऐसा ही करिश्मा हुआ है। जहां नगर निगम की अनदेखी के चलते एक निर्जीव में प्राण वापिस आए हैं। और अब इस धरोहर को बचाने के लिए अनेक वातावरण प्रेमियों सहित वहां रोजाना सैर करने आने वाले लोगों ने ये फैंसला लिया है कि अगर जिला प्रशासन इस धरोहर को नहीं बचाएगा, तो मजबूरन वे अदालत का रुख करेंगे ताकि आने वाली पीडियां इसका लाभ ले सकें।  दोस्तों, आज हम बात कर रहे हैं कश्मीरी पार्क में लगे एक वर्षों पुराने नीम के वृक्ष की। दरअसल 27 व 28 मई की मध्यरात्रि शहर में आया तेज तूफान व मुसलाधार बारिश आपको याद ही होगी। इस बारिश व तूफ़ान से जहां अनेकों जगहों पर ख़ासा नुकसान हुआ था, वहीं कश्मीरी पार्क में लगा यह वर्षों पुराना वृक्ष भी धराशाही हो गया था। आइए पहले आप 28 मई सुबह की उस पहली तस्वीर पर एक निगाह डाल लें, जब ये विशालकाय वृक्ष धराशाही हुआ था। महाकाय वृक्ष की, धाराशाही हुए की 28 मई सुबह की तस्वीर। आपने ऊपर तस्वीर में साफ़ देखा कि वृक्ष कितना विशालकाय था, और कैसे हरियाली से लबा लब था। क्योंकि कश्मीरी पार्क व वेदांत पार्क, शहर के प्राचीन पार्कों में आते हैं व बड़ी संख्या में लोग रोजाना सुबह व शाम सैर के लिए भी आते हैं। तो नगर निगम को चाहिए तो यह था कि वे किसी वृक्ष विशेषज्ञ की राय से या तो इस गिरे हुए वृक्ष को दोबारा स्थापित करवाते या इसे फौरन वहां से हटवाकर सैर के लिए बने ट्रैक को ठीक करवाते। लेकिन नगर निगम ने वही किया, जो कि अक्सर अनेक विभागों द्वारा किया जाता है। नगर निगम ने 45 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस गिरे हुए महाकाय पेड़ की कोई सुद्द नहीं ली। नतीजन जैसे जैसे समय बीतता गया, वैसे वैसे इस पेड़ की हरियाली जहां सूखती गई, वहीं इस विशालकाय पेड़ की विशालकाय शाखाओं को भी लोग धीरे धीरे चुरा कर ले गए। पिछले दिनों अक्सर ही अनेक महिलाओं को गठरियां बांधकर इस विशालकाय पेड़ की टहनियों को यहां से ले जाते हुए देखा गया। क्योंकि उक्त महिलाएं अति गरीब परिवारों से संबंधित हैं, इसलिए हम आपको यहां उनकी तस्वीर या वीडियो नहीं दिख रहे हैं। लेकिन आप ऊपर की दोनों तस्वीरों में फरक साफ़ देख सकते हैं कि पहले वृक्ष कितना विशालकाय था और आज उसकी क्या स्तिथि है। आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि किस प्रकार बेरहमी से इस विशालकाय वृक्ष की सभी टहनियों को काटा गया होगा। और अब लोग धीरे धीरे इस पेड़ की मुख्य मोटी लक्क्ड़ को भी काटकर ले जाने की फ़िराक में हैं। लेकिन दोस्तों वो कहावत है कि “जाको राखे साईयां, मार सके ना कोए’। यही कहावत सिद्द हुई कश्मीरी पार्क में भी। नगर निगम की लम्बी अनदेखी के बीच, इस धाराशाही हुए महाविशाल वृक्ष ने पुनः जड़ पकड़ ली है। इस पर फिर नई टहनियां आने लगी हैं। गिरे हुए इस पेड़ में आए इस बदलाव को देखकर अनेक वातावरण प्रेमियों सहित रोजाना सैर पर आने वाले लोग खासे खुश दिखाई दिए। सैर पर आने वाले अनेक लोगों व वातावरण प्रेमियों मनमोहन अग्रवाल, अशोक गुप्ता, सुरिंदर शर्मा, नरेश कुमार, सुभाष चन्दर, एस.के सेठी सहित अन्य अनेक लोगों ने मीडिया को बताया कि उन लोगों ने ये फैंसला लिया है कि अगर नगर निगम या जिला प्रशासन इस धरोहर को अभी भी नहीं बचाएगी, तो मजबूरन उन लोगों को अदालत का दरवाजा खट खटाना होगा। सैर के शौकीन अनेक लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी इस धरोहर को बचाया जा सके। लोगों ने नगर निगम से भी मांग की है कि वे अपनी ड्यूटी समझते हुए इस वृक्ष को समय रहते संभालें व इस वृक्ष को दोबारा इसी स्थान पर स्थापित करें ताकि जहां आने वाली पीढियां को ये महाकाय वृक्ष अपनी छाया से सुरक्षित करेगा वही उन्हें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हुए लोगों को अनेक बीमारियों से भी दूर रखेगा।  साथियों इंसान ने भले ही अपनी जरूरत के लिए इस महाकाय वृक्ष को काट काट कर तार तार कर दिया है, लेकिन शायद ये बेजुबान फिर भी इन्सानों के प्रति अपनी फर्ज नहीं भूला व ना ही ये वर्षों पुरानी अपनी जमीन छोड़ने को तैयार है, शायद इसी के चलते ये दोबारा हरा होना शुरू हुआ है। वैसे भी ये करिश्मा उस वक्त हुआ है, जब आए दिन विभिन्न सरकारें वातावरण को बचाने की बात कर रही हैं। रोजाना आप और हम विभिन्न मीडिया प्लैटफॉर्म पर विभिन्न सरकारों के प्रतिनिधियों द्वारा पौधरोपण कर उन पौधों को गोद लेने की खबरें देखते, सुनते व पढ़ते हैं। अभी हाल ही में 5 जुलाई को जिले के समूचे जज साहिबानों द्वारा भी स्थानीय गुरु नानक कॉलेज में पौधरोपण कर उन पौधों को गोद लेने की शपथ  भी ली गई थी। यही नहीं, जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी की और से जुलाई महीने में 4000 पौधे लगाने का लक्ष्य भी रखा गया है। साथियों वृक्ष ने तो दोबारा हरा होकर अपना फर्ज पुनः निभा दिया है, अब बारी इंसान की है, अब बारी नगर निगम की है, अब बारी जिला प्रशासन की है, कि वो दोबारा इस वृक्ष को उसकी जगह पर कब स्थापित करते हैं। साथियों अब देखना ये दिलचस्प रहेगा कि क्या नगर निगम अपनी ड्यूटी समझते हुए ही इस वृक्ष को दोबारा स्थापित करती है या जिले के वातावरण प्रेमियों द्वारा अदालत का दरवाजा खट खटाने का इन्तजार करेगी। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp 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GST विभाग एक्शन मोड में ! ग्राहक को बिल ना देने वालों पर कसेगा शिकंजा : पूनम गर्ग !!

मोगा 12 जुलाई, (मुनीश जिन्दल) ग्राहक को सामान बेचकर बिल ना देने वाले दुकानदारों के खिलाफ GST विभाग एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। जिसके चलते विभाग द्वारा ऐसे अनेक दुकानदार चयनित भी किए गए हैं, जो कि अपने ग्राहकों को सामान तो बेचते हैं, लेकिन उन्हें उनके सामान का बिल नहीं देते। इसी बात की गंभीरता को देखते हुए असिस्टेंट कमिश्नर स्टेट टैक्स (ACST) पूनम गर्ग ने अपने विभागीय अधिकारियों सहित अन्य स्टाफ के साथ अपने कार्यालय में एक अहम बैठक की। इस बैठक में स्टेट टैक्स अधिकारी (STO) महेश गर्ग, स्टेट टैक्स अधिकारी चमन लाल सिंगला, इंस्पेक्टर कुलविंदर पाल शर्मा सहित अन्य स्टाफ भी मौजूद था। इस बैठक में ACST मैडम पूनम गर्ग ने अपने स्टाफ को उन दुकानदारों पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी जो ग्राहकों को सामान तो बेचते हैं, लेकिन उन्हें उसका बिल नहीं देते। इसके इलावा मैडम पूनम गर्ग ने बताया कि किस प्रकार ग्राहक अपने खरीदे हुए सामान का बिल लेकर, किसी भी समय राज्य सरकार से इनाम का हकदार भी हो सकता है। इस संबंधी मैडम पूनम गर्ग ने ‘मोगा टुडे न्यूज़’ की टीम से विस्तृत जानकारी साझा की। ACST POONAM GARG Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने रोहित को नियुक्त किया संस्था का पंजाब प्रधान : नवीन सिंगला !!

मोगा 12 जुलाई, (मुनीश जिन्दल) एंटी करप्शन ऑफ इंडिया की ओर से रोहित कुमार को संस्था का पंजाब प्रधान नियुक्त किया गया। नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए क्राइम विजिलेंस इंडिया के राष्ट्रिय चेयरमैन सुमित पुजाना ने कहा कि रोहित कुमार का हमारे संगठन के साथ जुड़ना हमारे लिए गौरव की बात है। उनकी कर्मठता, समाज सेवा के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच को देखते हुए ही उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। हमें विश्वास है कि वे संस्था के उद्देश्यों को जन जन तक पहुंचाने में अपनी  महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के राष्ट्रिय डायरेक्टर नवीन सिंगला ने कहा, रोहित कुमार पहले से ही समाज सेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं। उनके नेक कार्यों को देखते हुए आज उन्हें स्टेट प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी संस्था द्वारा समय समय पर आंखों का जांच शिविर, रक्तदान शिविर, जरूरतमंदों की सहायता, बच्चों की शिक्षा और नशा मुक्ति अभियान जैसे सेवा कार्य किए जाते हैं, और आगे भी यह सिलसिला इसी प्रकार जारी रहेगा। मीडिया से बातचीत के दौरान रोहित कुमार ने इस सम्मान के लिए संस्था का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे तन, मन और धन से एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर समाज सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने विशवास दिलाया कि वे अधिक से अधिक लोगों को खासकर युवाओं को संगठन से जोड़ने का प्रयास करेंगे, ताकि एक भ्रष्टाचार मुक्त और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर  संस्था के राष्ट्रिय चेयरमैन, क्राइम विजिलेंस इंडिया, सुमित पुजाना, राष्ट्रिय डायरेक्टर नवीन सिंगला, प्रीतम कांडा, यूथ विंग के प्रधान जशन कुमार, रोहित कुमार आदि हाजिर थे। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

ਪ੍ਰੋਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਦੇ ਵਿਆਜ ਤੇ ਜੁਰਮਾਨੇ ਤੇ ਆਈ ਛੋਟ ! ਬਕਾਇਆ ਕਰਵਾ ਲਵੋ ਜਮਾ : ਚਾਰੂਮਿਤਾ !!

ਮੋਗਾ, 10 ਜੁਲਾਈ, (ਮੁਨੀਸ਼ ਜਿੰਦਲ) ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋ ਵਿੱਤੀ ਸਾਲ 2013-14 ਤੋਂ ਹਾਊਸ ਟੈਕਸ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਕੇ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਲਗਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੇ ਤਹਿਤ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੀ ਜਾਇਦਾਦ (ਪਲਾਟ, ਮਕਾਨ, ਦੁਕਾਨ/ ਵਪਾਰਕ ਬਿਲਡਿੰਗ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਬਿਲਡਿੰਗ) ਦੀ ਸੈਲਫ ਅਸੈਸਮੈਂਟ ਰਿਟਰਨ ਭਰਨੀ ਲਾਜ਼ਮੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਹਰ ਸਾਲ ਮਿਤੀ 30 ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਪਹਿਲਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਮ੍ਹਾਂ ਕਰਵਾਉਣੀ ਲਾਜ਼ਮੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵਿਅਕਤੀ ਜਾਂ ਵਿਸ਼ੇਸ ਆਪਣੀ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਦੀ ਰਿਟਰਨ ਵਿੱਤੀ ਸਾਲ ਖਤਮ ਹੋਣ ਤੱਕ ਜਮ੍ਹਾਂ ਨਹੀ ਕਰਵਾਉਦਾ ਤਾਂ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਦੀ ਬਣਦੀ ਰਕਮ ਤੇ 20 ਫੀਸਦੀ ਜੁਰਮਾਨਾ ਅਤੇ 18 ਫੀਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਵਿਆਜ਼ ਦਾ ਉਪਬੰਧ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਚਾਰੂਮਿਤਾ ਨੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਹੂਲਤ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਦੀ ਬਕਾਇਆ ਰਕਮ ਮਿਤੀ 31 ਜੁਲਾਈ 2025 ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਕਮੁਸ਼ਤ ਜਮ੍ਹਾਂ ਕਰਵਾਉਣ ਤੇ ਵਿਆਜ ਅਤੇ ਜੁਰਮਾਨੇ ਦੀ ਪੂਰਨ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਛੋਟ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣਦਾ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲਾਂ ਭਾਵ 2013-14 ਤੋ ਹੁਣ ਤੱਕ ਦਾ ਬਕਾਇਆ ਰਹਿੰਦਾ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਟੈਕਸ ਮਿਤੀ 31 ਜੁਲਾਈ 2025 ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਮ੍ਹਾਂ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਕਿਹਾ। ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀ ਇਸ ਸਕੀਮ ਦਾ ਵੱਧ ਤੋ ਵੱਧ ਲਾਭ ਲੈਣ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ। ਇਸ ਸੰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਜਰੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਫਤਰੀ ਕੰਮਕਾਜ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਮੋਗਾ ਦੇ ਕਮਰਾ ਨੰਬਰ 03 ਵਿੱਚ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

DC कैंप ऑफिस गार्द के ASI को लगी गोली ! खुशियां बदली गम में !!

मोगा 09 जुलाई, (मुनीश जिन्दल) अनेकों बार इंसान के जीवन में ऐसे पल आ जाते हैं, जब उसकी खुशियां गम में बदल जाती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है डिप्टी कमिश्नर कैंप ऑफिस की गार्द में तैनात एएसआई सुखविंदर सिंह के साथ। जिले के गांव खोसा पांडो के 56 वर्षीय वासी सुखविंदर सिंह के घर लैंटर पड़ रहा था। जिसके चलते दोपहर को वह बहुत खुश था। लेकिन उसे क्या मालूम था कि वह इस बात की खुशियां अपने ड्यूटी खत्म करने के बाद अपने परिवार के साथ नहीं मना पाएगा, और जैसे ही शाम लगभग 6:00 बजे एएसआई सुखविंदर सिंह की ड्यूटी खत्म होने का समय आया, तो अचानक रहस्य्मयी परिस्थितियों से उसके कार्बाइन से एक गोली चलती है, जो कि सीधा ASI सुखविंदर की ठोडी के नीचे बाईं और लगकर उसकी जबड़े को चीरती हुई उसकी आंख के पीछे जाकर फंस जाती है। एएसआई सुखविंदर सिंह को फ़ौरन स्थानीय मेडिसिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।  जैसे ही इस बात की सूचना डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया को मिली तो वे फौरन अपने सब काम छोड़कर मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंच गए व लगभग डेढ़ घंटा उन्होंने अस्पताल में रहकर अपनी गार्द के एएसआई सुखविंदर सिंह के इलाज के लिए जरूरी इंतजाम करवाए। डीएसपी सिटी गुरप्रीत सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल घायल मेडिसिटी हस्पताल में भर्ती है। जबकि घायल ऐसी सुखविंदर का इलाज करने वाले डॉक्टर अजमेर कालड़ा ने भी मरीज के मौजूदा हालात की जानकारी “मोगा टुडे न्यूज़” की टीम से साझा की। DR. AJMER KALRA Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

DN मॉडल स्कूल ने 4 महीने से नहीं भरा कर्मचारियों का प्रोविडेंट फंड !!

मोगा 09 जुलाई, (मुनीश जिन्दल)  3 मार्च को डी.एन मॉडल स्कूल में राजनीतिक शह पर पुलिस की मदद से सत्ता पलट हुआ था। जिसके बाद सत्ता में आई नई मैनेजमेंट की ओर एक बैंक में स्कूल का खाता खोला गया था, लेकिन चूंकि स्कूल की मैनेजमेंट की दावेदारी को लेकर पहले से अनेकों मामले, विभिन्न अदालतों सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के पास विचाराधीन हैं, जिसके चलते पुरानी मैनेजमेंट की शिकायत पर मजबूरन बैंक अधिकारियों को स्कूल की नई मैनेजमेंट द्वारा खोला गया खाता बंद करना पड़ा। स्कूल का बैंक खाता भले ही फ्रीज हो गया, लेकिन फिर भी स्कूल की नई मैनेजमेंट के कुछ पद्दाधिकारी स्कूल में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान जहां अपने पद का बाखूबी आनंद मान रहे हैं, वहीं हाल ही में स्कूल में हुई नए स्टाफ की भर्ती के दौरान भी सत्ताधारी प्रबंधन कमेटी के कुछ पदाधिकारियों ने अपनी सरगर्म भूमिका निभाई है। लेकिन अगर हम बात करें स्कूलों में कार्यरत्त स्टाफ के अधिकारों की, तो शायद स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने इस प्रति अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि डी.एन मॉडल स्कूल प्रबंधन कमेटी ने पिछले 4 महीनों से स्कूल में कार्यरत 130 से अधिक स्टाफ का प्रोविडेंट फंड नहीं भरा है। यहां जिक्रयोग्य है कि, एकत्रित जानकारी के मुताबिक स्कूल का एक महीने का प्रोविडेंट फंड करीब 4 लाख 30 हजार रुपए बनता है। जिसके हिसाब से स्कूल प्रबंधन कमेटी पर प्रोविडेंट फण्ड विभाग की चार महीने (फरवरी, मार्च, अप्रैल व मई) की 18 लाख से अधिक की राशि बकाया है। और अगर स्कूल प्रबंधन कमेटी 15 जुलाई तक, जून महीने का प्रोविडेंट फंड जमा करवाने में असमर्थ रहती है, तो उपरोक्त लगबघ 18 लाख की राशि बढ़कर 22 लाख रु से अधिक तक पहुंच जाएगी।  यहां ये भी जिक्रयोग्य है की गर्मी की छुट्टियां खत्म होने पर स्कूल शुरू होने के मात्र 3 दिन बाद ही, 4 जुलाई दिन शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन कमेटी के निर्देश पर स्कूल में पढ़ने वाले 2500 से अधिक विद्यार्थियों को चालू महीना जुलाई के साथ साथ अगस्त व सितंबर, कुल 3 महीने की फीस एडवांस में भरने के लिए फार्म तो थमा दिए गए, लेकिन स्कूल प्रबंधन कमेटी शायद यह भूल गई कि इन 2500 से अधिक विद्यार्थियों को संभालने वाले स्टाफ के प्रति भी उनकी कुछ जिम्मेवारी बनती है। जिनका कि प्रोविडेंट फण्ड स्कूल ने भरना था, और वह अभी तक नहीं भरा गया है। नियमों के मुताबिक़ कोई भी नियोक्ता (Employer) अपने कर्मचारी को तनख्वाह देते समय कुछ राशि प्रोविडेंट फण्ड के रूप में काटता है, व जितनी राशि उक्त नियोक्ता किसी भी कर्मचारी की तनख्वाह में से काटता है, उतनी ही राशि नियोक्ता को अपनी और से मिलाकर प्रोविडेंट फण्ड विभाग को जमा करवानी होती है। लेकिन स्कूल की सत्ताधारी प्रबंधन कमेटी की और से स्टाफ को फरवरी से मई महीने तक की तनख्वाह देते वक्त उनकी तनख्वाह में से प्रोविडेंट फण्ड के नाम पर उनके हिस्से की बनती राशि तो काट ली गई, लेकिन ये राशि प्रोविडेंट विभाग में जमा नहीं करवाई गई। जब स्कूल प्रबंधन कमेटी द्वारा स्टाफ की तनख्वाह में से काटी गई राशि ही उनके खातों में प्रोविडेंट विभाग में जमा नहीं करवाई गई, तो स्कूल प्रबंधन कमेटी की और से नियोक्ता के रूप में जो राशि प्रोविडेंट फंड विभाग को जमा करवानी थी, उसे जमा करवाना तो दूर की बात ही है।  जानकारों के मुताबिक़ डी.एन मॉडल स्कूल प्रबंधन कमेटी द्वारा स्टाफ का प्रोविडेंट फंड ना भरने का सीधा नुकसान स्कूल में कार्यरत स्टाफ को है। क्योंकि अगर स्कूल के किसी कर्मचारी को अपने प्रोविडेंट फंड की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके खाते में कम प्रोविडेंट फंड होने की सूरत में उसके कुछ सपने या काम अधूरे रह सकते हैं। जानकारों के मुताबिक़ भविष्य में स्कूल प्रबंधन कमेटी को प्रोविडेंट फण्ड देरी से जमा करवाने पर प्रोविडेंट फंड विभाग को 12% ब्याज के इलावा 12% जुरमाना भी देना होगा। स्कूल प्रबंधन कमेटी, अपनी सत्ता के नशे में, अपनी इस आपसी खींचा तानी में प्रोविडेंट फंड विभाग को तो फिजूल में ब्याज व जुरमाना राशि भरने को तैयार है, लेकिन अगर कोई जरूरतमंद परिवार, अपनी आर्थिक स्तिथि का हवाला देते हुए अपने बच्चे की फीस कम करवाने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी को आवेदन देता है, तो संबंधित आर्थिक तौर पर कमजोर परिवार को फीस कम करने के नाम पर उसे दिखाया जाता है ‘ठेंगा’। उस दो टूक जवाब दिया जाता है कि वह अपने बच्चों को आर्य बॉयज या किसी अन्य स्कूलों में पढ़ा सकते हैं। जहां की फीस कम है।  यहां यह भी जिक्रयोग्य है कि स्कूल की मौजूदा सत्ताधारी प्रबंधन कमेटी जब 3 मार्च को स्कूल पर काबिज हुई थी, उस समय एडमिशन का सीजन था। जिसके चलते स्कूल में एक मोटी राशि फीस के रूप में आनी शुरू होनी थी। स्कूल की मौजूदा प्रबंधन कमेटी राजनीतिक शह पर पुलिस की सहायता से स्कूल पर काबिज तो हो गई, लेकिन गैर कानूनी ढंग से स्कूल पर काबिज हुई इस प्रबंधन कमेटी को कहीं ना कहीं इस बात का एहसास अवश्य था कि जब तक उनका बैंक खाता नहीं खुलेगा, तब तक वे जहां स्कूल के जरूरी कामों को सुचारू रूप से नहीं चला सकेंगे, वहीं सत्ता का पूर्ण लाभ भी नहीं ले सकेंगे। सत्ता की शह पर पुलिस की सहायता से गैर कानूनी ढंग से स्कूल पर काबिज हुई मौजूदा सत्ताधारी प्रबंधन कमेटी को कहीं न कहीं इस बात का भी एहसास था कि उनके द्वारा खोला गया बैंक खाता कभी भी फ्रीज हो सकता है, स्कूल की काबिज प्रबंधन कमेटी की और से कोऑपरेटिव बैंक को गलत तथ्यों के आधार पर बहुत कम राशि से स्कूल का नया खाता खोल एक ट्रायल लिया गया था, लेकिन आखिरकार वही हुआ, जिसका कि सत्ताधारी प्रबंधन कमेटी को डर था, कोऑपरेटिव बैंक ने बैंक खाता फ्रीज कर दिया।  कोऑपरेटिव बैंक द्वारा स्कूल पर काबिज प्रबंधन कमेटी के बैंक खाते को फ्रीज करना, इस बात की सत्यता पर मोहर लगाता है कि मौजूदा समय में स्कूल पर काबिज प्रबंधन कमेटी गैर कानूनी है, क्योंकि अगर आज की तारीख़ में स्कूल  पर काबिज प्रबंधन कमेटी जायज होती, तो बैंक उनके खाते को फ्रीज नहीं करता। क्यूंकि मौजूदा प्रतियोगिता के दौर में बैंक वाले तो नए खाते लेने के लिए सदैव प्रयासरत्त रहते हैं। लेकिन वो कहते हैं ना, कि समझदार व्यक्ति बे वजह अदालत व पुलिस के चककर लगाने से गुरेज ही करता है। और यही समझदारी कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारीयों ने भी डी.एन मॉडल स्कूल के खाते फ्रीज करके दिखाई।  चूंकि अब स्कूल की सत्ताधारी कमेटी का बैंक खाता फ्रीज हो चूका है, जिसके चलते स्कूल में हर समय एक बड़ी रकम कैश के रूप में रहती है। जो कि वहां काम करने वाले स्टाफ के लिए, जिन पर कि इस कैश को संभालने की जिम्मेदारी है, के लिए किसी भी समय बड़ी मुसीबत बन सकता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से जायज फीस एकत्रित करना स्कूल प्रशासन का हक है, लेकिन इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन कमेटी की यह भी जिम्मेवारी है कि वो अपने स्टाफ की प्रति बनती अपनी जिम्मेवारी को निभाए। अब ये देखना दिलचस्प रहेगा, कि स्कूल की ये काबिज प्रबंधन कमेटी कब तक अपने स्टाफ का प्रोविडेंट फंड जमा करवाती है। “मोगा टुडे न्यूज़” की टीम द्वारा जब स्कूल पर काबिज प्रबंधन कमेटी के सदस्य नरिन्दर सूद को फोन किया गया, तो उन्होंने तो फोन नहीं उठाया, लेकिन जब हमने प्रोविडेंट फंड के माहिर परवीन शर्मा से स्कूल पर काबिज प्रबंधन कमेटी द्वारा स्टाफ का प्रोविडेंट फंड ना जमा करवाने संबंधी बात की, तो उन्होंने बताया कि किस प्रकार इस बात का सीधा नुक्सान स्कूल स्टाफ को है। और क्या बताया परवीन शर्मा ने, आइए आप भी सुन लें। PARVEEN SHARMA Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਇਮਾਰਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੇ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲਾਂ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਗੰਭੀਰ ! DC ਨੇ ਦਿੱਤੇ ਕਰੜੇ ਆਦੇਸ਼ !!

ਮੋਗਾ, 8 ਜੁਲਾਈ, (ਮੁਨੀਸ਼ ਜਿੰਦਲ) ਜਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਕਿਸੇ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਅਣ ਅਧਿਕਾਰਿਤ ਤਰੀਕੇ ਜਾਂ ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਇਮਾਰਤਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਹਨ। ਜੋ ਕਿ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਈ ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਖਤਰਾ ਹੈ। ਇਸਨੂੰ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਲੈਂਦਿਆ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸਾਗਰ ਸੇਤੀਆ ਨੇ ਸੀਨੀਅਰ ਕਪਤਾਨ ਪੁਲਿਸ, ਸਮੂਹ ਉਪ ਮੰਡਲ ਮੈਜਿਸਟਰੇਟਸ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਅਫ਼ਸਰ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਬਾਲ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਫ਼ਸਰ ਨੂੰ ਹਦਾਇਤ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਸਥਾਨਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ (ਨਗਰ ਕੌਂਸਲਾਂ/ ਨਗਰ ਪੰਚਾਇਤਾਂ/ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤਾਂ) ਲੋਕਲ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਆਪਣੇ ਅਧਿਕਾਰ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੇ ਅਣ ਰਜਿਸਟਰਡ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲ/ ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਇਮਾਰਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੇ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀ ਸੂਚੀ ਸਮੇਤ ਪਤਾ ਤਿਆਰ ਕਰਨ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਣ ਰਜਿਸਟਰਡ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲ/ ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਇਮਾਰਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੇ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਇਕੱਤਰ ਕਰਕੇ, ਰਜਿਸਟਰਡ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲਾਂ ਦਾ ਨਿਰੀਖਣ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਿਰੀਖਣ ਵਿੱਚ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੀ ਉਪਲਬਧਤਾ, ਸੁਰੱਖਿਆ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਫਾਇਰ ਸੇਫ਼ਟੀ, ਸਫਾਈ, ਬਿਲਡਿੰਗ ਸੇਫ਼ਟੀ, ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ, ਏ.ਸੀ./ ਪੱਖੇ ਅਤੇ ਇਮਾਰਤ ਦੀ ਚਾਰ ਦੀਵਾਰੀ ਆਦਿ, ਭਾਰਤ/ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਮੇਂ ਸਮੇਂ ਤੇ ਜਾਰੀ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲ ਸਬੰਧੀ ਬਾਲ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ, ਸਟਾਫ ਦੇ ਪ੍ਰਮਾਣ ਪੱਤਰਾਂ ਦੀ ਪੁਸ਼ਟੀ, ਰਜਿਸਟਰਡ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਨੋਟ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਕਮੀਆਂ ਅਤੇ ਸੁਧਾਰਾਤਮਕ ਉਪਾਵਾਂ ਜਾਂ ਕਾਰਵਾਈ ਲਈ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ਾਂ ਆਦਿ ਨੁਕਤੇ ਸ਼ਮਿਲ ਹੋਣਗੇ। ਉਹਨਾਂ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਮਾਮਲਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਹਦਾਇਤ ਕੀਤੀ ਕਿ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਅਮਲ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਂਦੇ ਹੋਏ ਰਿਪੋਰਟ ਨਿੱਜੀ ਤੌਰ ਤੇ 15 ਜੁਲਾਈ ਨੂੰ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ। ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜੇਕਰ ਰਜਿਸਟਰਡ ਜਾਂ ਅਣਰਜਿਸਟਰਡ ਤਰੀਕੇ ਜਾਂ ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਇਮਾਰਤਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਕਿਸੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਜਾਂ ਬੇਨਿਯਮੀਆਂ ਨਾਲ ਕੋਈ ਵੀ ਪਲੇਅ ਵੇਅ ਸਕੂਲ ਪਾਇਆ ਗਿਆ, ਤਾਂ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਅਮਲ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦੀ ਜਾਵੇਗੀ। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

“ਵਨ ਜੱਜ ਵਨ ਟਰੀ” ਮਿਸ਼ਨ ਤਹਿਤ ਜਜਾਂ ਨੇ ਇੱਕ ਇੱਕ ਬੂਟਾ ਲਗਾ ਕੇ ਲਿਆ ਗੋਦ : ਜੱਜ ਬਿਸ਼ਨ ਸਰੂਪ !!

ਕਾਨੂੰਨੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਥਾਰਟੀ ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਲਗਾਏਗੀ 4000 ਪੌਦੇ !! ਮੋਗਾ 5 ਜੁਲਾਈ, (ਮੁਨੀਸ਼ ਜਿੰਦਲ) ਮਾਨਯੋਗ ਜਸਟਿਸ ਦੀਪਕ ਸਿੱਬਲ, ਪੰਜਾਬ ਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਅਤੇ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਚੇਅਰਮੈਨ, ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਕਾਨੂੰਨੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਥਾਰਟੀ ਐੱਸ.ਏ.ਐੱਸ ਨਗਰ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਹੇਠ ਮਾਨਯੋਗ ਇੰਚਾਰਜ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਤੇ ਸੈਸ਼ਨ ਜੱਜ ਕਮ ਚੇਅਰਮੈਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਕਾਨੂੰਨੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਥਾਰਟੀ ਬਿਸ਼ਨ ਸਰੂਪ ਮੋਗਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਸ਼ਨੀਵਾਰ ਨੂੰ “ਮਿਸ਼ਨ ਵਨ ਜੱਜ ਵਨ ਟਰੀ” ਤਹਿਤ ਮੋਗਾ ਦੇ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ ਜਿਲੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਜੱਜ ਸਾਹਿਬਾਨ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਇੱਕ ਬੂਟਾ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਦੇਖ ਭਾਲ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਗੋਦ ਲਿਆ ਗਿਆ। ਜੱਜ ਸਾਹਿਬਾਨ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਕੱਤਰ ਬਾਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਅਤੇ ਕਾਲਜ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਵੱਲੋਂ ਵੀ ਇੱਕ ਇੱਕ ਬੂਟਾ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ। ਬੂਟੇ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਰੇ ਜੱਜ ਸਾਹਿਬਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ “ਗਰੀਨ ਓਥ” ਤਹਿਤ ਸਾਰੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਦੇਖ ਭਾਲ ਲਈ ਵਚਨ ਵੀ ਲਿਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਹਰ ਇੱਕ ਜੱਜ ਨੇ ਇੱਕ ਬੂਟਾ ਲਗਾਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਗੋਦ ਲੈਕੇ ਉਸ ਦੀ ਦੇਖ ਭਾਲ ਦੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਚੁੱਕਣੀ ਹੈ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੋਗਾ ਤੋਂ ਬਦਲੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਜੱਜ ਸਾਹਿਬ ਉਸ ਬੂਟੇ ਦੀ ਦੇਖ ਭਾਲ ਦੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਚੁੱਕਣਗੇ। ਇਸ ਲਈ ਹਰ ਇੱਕ ਬੂਟੇ ਦਾ ਇੱਕ ਟਰੀ ਕਾਰਡ ਵੀ ਬਣਾ ਕੇ ਜੱਜ ਸਾਹਿਬਾਨਾਂ ਨੂੰ ਵੰਡੇ ਗਏ ਤਾਂ ਜੋ ਬੂਟੇ ਦਾ ਰਿਕਾਰਡ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਜਿਲੇ ਦੇ ਸਮੂਹ ਜੱਜ, “ਗਰੀਨ ਓਥ” ਤਹਿਤ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਦੇਖ ਭਾਲ ਲਈ ਵਚਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ। ਮਾਨਯੋਗ ਇੰਚਾਰਜ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਤੇ ਸੈਸ਼ਨ ਜੱਜ ਕਮ ਚੇਅਰਮੈਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਕਾਨੂੰਨੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਥਾਰਟੀ ਬਿਸ਼ਨ ਸਰੂਪ ਜੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 5 ਜੂਨ 2025 ਨੂੰ ਵਿਸ਼ਵ ਵਾਤਾਵਰਣ ਦਿਵਸ ਦੇ ਮੌਕੇ ਤੇ “ਈਚ ਵਨ ਪਲਾਂਟ ਵਨ” ਤੇ “ਹਰ ਓਰ ਲੱਕੜਹਾਰੇ ਹੈਂ, ਫਿਰ ਬੀ ਪੇਡ ਕਹਾਂ ਹਾਰੇ ਹੈਂ”! ਨਾਮ ਦੀ ਮੁਹਿੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ, ਜਿਸ ਦੇ ਤਹਿਤ ਹੁਣ ਤੱਕ 2000 ਦੇ ਕਰੀਬ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ 4000 ਬੂਟਾ ਹੋਰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਟੀਚਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਦਾ ਮੁੱਖ ਮਕਸਦ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸਾਫ ਸੁਥਰਾ  ਰੱਖਣਾ ਅਤੇ ਵੱਧ ਰਹੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਤੋਂ ਹੋ ਰਹੇ ਮਾੜੇ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਿਲੇ ਦੇ ਵੱਖ ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸੈਮੀਨਾਰ ਲਗਾ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜਾਗਰੂਕ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਵਧੀਕ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਤੇ ਸੈਸ਼ਨ ਜੱਜ ਸ਼ਿਵ ਮੋਹਨ ਗਰਗ, ਵਧੀਕ ਜਿਲਾ ਤੇ ਸੈਸ਼ਨ ਜੱਜ ਮਿਸ ਰਵੀ ਇੰਦਰ ਕੌਰ ਸੰਧੂ, ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਜੱਜ ਫੈਮਿਲੀ ਕੋਰਟ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਸੀਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਮਿਸ ਪੁਸ਼ਪਾ ਰਾਣੀ, ਚੀਫ ਜੁਡੀਸ਼ੀਲ ਮੈਜਿਸਟ੍ਰੇਟ ਮਿਸ ਸ਼ਿਲਪੀ ਗੁਪਤਾ, ਸੀ.ਜੇ.ਐੱਮ-ਕਮ-ਸਕੱਤਰ ਜਿਲਾ ਕਾਨੂੰਨੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਥਾਰਟੀ ਮਿਸ ਕਿਰਨ ਜਯੋਤੀ, ਵਧੀਕ ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਸੀਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਮਿਸ ਇਤੂ ਸੋਢੀ, ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਜੂਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਇਨਸਾਨ, ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਜੂਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਮਿਸ ਲਵਲੀਨ ਸੰਧੂ, ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਜੂਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਮਿਸ ਆਸ਼ਿਮਾ ਸ਼ਰਮਾ, ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਜੂਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਮਿਸ ਸੁਖਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਸਿਵਲ ਜੱਜ (ਜੂਨੀਅਰ ਡਵੀਜਨ) ਮਿਸ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਸਕੱਤਰ ਬਾਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਰਜੀਵ ਮਿੱਤਲ ਅਤੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਕਾਲਜ ਡਾ. ਜਤਿੰਦਰ ਕੌਰ ਹਾਜਰ ਸਨ। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

लायंस क्लब मोगा रॉयल ! अजय कटारिया व वरिंदर गांधी “एप्रिसिएशन ट्रॉफी” से सम्मानित !!

मोगा 02 जुलाई, (मुनीश जिन्दल) लायंस क्लब मोगा रॉयल की समूची टीम ने गर्व के साथ क्लब के दो वरिष्ठ सदस्य अजय कटारिया व वरिंदर गांधी को सम्मानित किया। क्लब के प्रधान नवीन सिंगला ने बताया कि ये दोनों सदस्य यू.एस.ए. में आयोजित लायंस क्लब इंटरनेशनल कन्वेंशन में बतौर प्रतिनिधि (Delegate) भाग लेने जा रहे हैं, जो कि हमारे क्लब और पूरे मोगा शहर के लिए बड़े सम्मान की बात है। जिसके चलते ही इन दोनों सदस्यों को सम्मानित किया गया है।  नवीन सिंगला ने बताया कि समूचे जिले से केवल लायंस क्लब मोगा रॉयल के दो सदस्य इंटरनेशनल कन्वेंशन में भाग लेने जा रहे हैं। इससे क्लब की पहचान और भी ऊँचाईयों को छूएगी व क्लब सहित मोगा का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकेगा। इस मौके पर स्थानीय एक निजी रेस्टोरेंट में एक साधारण लेकिन प्रभावशाली समारोह का आयोजन किया गया, जहां क्लब के सभी सदस्यों ने दोनों महानुभावों को “एप्रिसिएशन ट्रॉफी” देकर सम्मानित किया और ढेरों शुभकामनाएं दीं। यहां जिक्रयोग्य है कि लायंस क्लब मोगा रॉयल समाजसेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। क्लब द्वारा पहले से ही गरीबों की सहायता, बच्चों की पढ़ाई में सहयोग जैसे कार्य किए जा रहे हैं, और अब बहुत ही जल्द एक कैंसर चेकअप कैंप भी आयोजित किया जाएगा, जिससे जनकल्याण को और बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर नवीन सिंगला, संजीव शर्मा, राजेश वर्मा, संजीव आहूजा, विकास बंसल, सुरिंदर सिंगला, शमन गोयल, संजीव कौड़ा, बॉबी कांडा (संयुक्त कोषाध्यक्ष), विकास सिंगला (पी.आर.ओ.), वनीत बंसल (उपाध्यक्ष), राजेश अरोड़ा, नवनीत गोयल, दीपिंदर संधू, बॉबी कम्बो, राकेश गर्ग, संदीप गर्ग (सीए), हैरी जिंदल, रघु जिंदल, राकेश धमीजा, वरिंदर गांधी, अजय कटारिया आदि हाजिर थे। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...

ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਕੁਤਾਹੀ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ ਬਰਦਾਸ਼ਤ : DC ਸੇਤੀਆ !!

ਮੋਗਾ 2 ਜੁਲਾਈ, (ਮੁਨੀਸ਼ ਜਿੰਦਲ) “ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ, ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਅਤੇ ਨਿਰਵਿਘਨ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਮੋਗਾ ਦੇ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਜਰੀਏ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀ ਕੁਤਾਹੀ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ। ਨਿਰਵਿਘਨ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਮੋਗਾ ਯਤਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਆਦਿ ਦਾ ਲਗਾਤਾਰ ਨਿਰੀਖਣ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ”। ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਇਕ ਵਾਰਡ ਵਿੱਚ ਨਿਰੀਖਣ ਕਰਦੇ DC ਸਾਗਰ ਸੇਤੀਆ। ਇਹਨਾਂ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸਾਗਰ ਸੇਤੀਆ ਵੱਲੋਂ ਡਾਕਟਰ ਮਥੁਰਾ ਦਾਸ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾ ਅਚਨਚੇਤ ਦੌਰਾ ਕਰਨ ਮੌਕੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ (ਜ) ਚਾਰੂਮਿਤਾ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਉਹਨਾਂ ਓ.ਪੀ.ਡੀ. ਬਲਾਕ, ਜੱਚਾ ਬੱਚਾ ਵਿੰਗ, ਨਵਜਨਮੇ ਅਤੇ ਨਿੱਕੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਵਾਰਡ, ਜਨ ਔਸ਼ਧੀ, ਫਾਰਮੇਸੀ ਵਿਭਾਗ ਤੇ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਵਾਰਡ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਉੱਥੇ ਹਾਜ਼ਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਹਾਲ ਚਾਲ ਪੁੱਛਿਆ, ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਸੁਣੀਆਂ ਅਤੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੇ ਹੁਕਮ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ। ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਹੋਰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਬਾਰੇ ਸੁਝਾਅ ਵੀ ਮਰੀਜਾਂ ਤੋਂ ਲਏ ਗਏ। ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਓ.ਪੀ.ਡੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬਿਹਤਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਬਾਰੇ ਅੱਜ ਵਿਚਾਰ ਵਟਾਂਦਰਾ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਫਾਰਮੇਸੀ ਵਿੱਚ ਤਕਰੀਬਨ 280 ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਉਪਲੱਬਧ ਹੁੰਦੀਆਂ ਸਨ, ਲੇਕਿਨ ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 450 ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਫਾਸਮੇਸੀ ਵਿੱਚ ਮੁਫਤ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ, ਇਸਦੇ ਸਟਾਕ ਦੀ ਵੀ ਚੈਕਿੰਗ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਸਟਾਫ ਨੂੰ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕਰਿਦਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁਢਲੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਤੱਕ ਹਰੇਕ ਸਹੂਲਤ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਹਸਪਤਾਲ ਜਰੀਏ ਪੁੱਜਦੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਸਟਾਫ ਨੂੰ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਪ੍ਰਤੀ ਕੋਈ ਵੀ ਅਣਗਹਿਲੀ ਨਾ ਵਰਤਣ ਲਈ ਕਿਹਾ ਅਤੇ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦੇ ਮੁਕੰਮਲ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੋਣੇ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਏ ਜਾਣ ਦੇ ਸਖ਼ਤ ਆਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਜੱਚਾ ਬੱਚਾ ਵਾਰਡ ਵਿੱਚ ਲੇਬਰ ਰੂਮ ਅਤੇ ਐਂਟੀਨੇਟਲ ਵਾਰਡ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਗਰਭਵਤੀ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਅਤੇ ਨਵ ਜਨਮੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀਆਂ ਮਾਵਾਂ ਦੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਸਬੰਧੀ ਵੀ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ।ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ ਡਾ. ਪ੍ਰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ ਮਹਿੰਦਰਾ, ਡਾ. ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਐਸ.ਐਮ.ਓ. ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਹੋਰ ਸਟਾਫ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸੀ। Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...
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