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Education

ISF कालेज ऑफ फार्मेसी में फार्मा अन्वेषण 2026 का भव्य आरंभ 

मोगा, 7 मार्च (मुनीश जिन्दल) राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज ऑफ फार्मेसी में फार्मा अन्वेंशन 2026 का भव्य आरंभ बलदेव कृष्ण मेमोरियल ऑडिटोरियम हाल में डा. मोंटू एम.पटेल, अध्यक्ष फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया, गेस्ट ऑफ ऑनर सुशील कुमार बंसल मेंबर फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया एवं अध्यक्ष पंजाब स्टेट फार्मेसी कौंसिल, सुनील चौधरी मेंबर पी.सी.आई एवं चेयरमैन ला कमेटी पी.सी.आई, गोपाल कृष्ण शर्मा अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश फार्मेसी कौंसिल एवं मेंबर पी.सी,आई., अमित दुग्गल ड्रग कंट्रोलर पंजाब, सोहन लाल कंसल मेंबर पी.सी.आई, मोहम्मद बशीर मेंबर पी.सी.आई, सुरेन्द्र मोहन मेंबर पी.सी.आई, सुखविंदपाल मेंबर पंजाब स्टेट फार्मेसी कौंसिल, डा. प्रवीण बंसल डीन IKGPTU जालंधर, दिनेश मदान चेयरमैन प्रोफेशनल फार्मेसी एंड पब्लिक रिलेशन कमेटी नई दिल्ली, निकुल जलान CA, संस्था के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, एडवोकेट सुनील गर्ग, सचिव इंजी. जनेश गर्ग, डायरेक्टर डा. जी.डी.गुप्ता, ISFCPR के प्रिंसिपल डा. आर.के. नारंग, आग्रेनाइजिंग सचिव डा. सौरभ कोसे एवं अन्य अतिथिगण ने ज्योति प्रज्वलित करके किया। इस मौके पर दूसरे राज्यों से पहुंचे साइंटिस्ट, चेयरमैन, डायरेक्टर, डीन व अन्य गणमान्य। इस मौके पर मुख्य अतिथि फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मोंटू पटेल ने अपने संबोधन में फार्मा अन्वेशन 2026 के भव्य आरंभ की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग पेशेवरों के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने विचारों को साझा कर सकते हैं, शोध निष्कर्ष प्रस्तुत कर सकते हैं और फार्मेसी शिक्षा और अनुसंधान में उभरते रुझानों का पता लगा सकते हैं। इस मौके पर मुख्यतिथियों का स्वागत फूलों के बुके व पौधे देकर किया गया। इस मौके पर संस्था के चेयरमैन प्रवीण गर्ग ने अपने सम्बोधन में कहा कि पंजाब राज्य में यह अन्वेषण करने का सौभाग्य ISF कालेज आफ फार्मेसी को प्राप्त हुआ है, जिसके लिए वह बहुत आभार फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया का प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्था छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए छात्रों के लिए शिक्षा, रिसर्च एवं चौमुखी विकास के लिए यहां पर कार्यरत 14 राज्यों के शिक्षक दिन रात मेहनत करके छात्रों को आज के युग के मुताबिक बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यहां से पढ़कर छात्र देश एवं विदेशों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। इस मौके पर संस्था के डायरेक्टर डा. जी.डी. गुप्ता ने कहा कि यह अन्वेंशन फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया के द्वारा अनुदान प्राप्त है जो कि नेशनल फार्मेसी एजुकेशन दिवस के रूप में प्रोफेसर एम.एल.सर्राफ फादर ऑफ फार्मेसी इन इंडिया की 124 वीं जन्मतिथि पर आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि फार्मा अन्वेशन 2026 में पंजाब राज्य एवं कई अन्य राज्यों के 500 से अधिक इंडस्ट्री, एकेडमिया, अस्पताल एवं कई प्रोफेशनल बाडी के पदाधिकारीगण के साथ साथ रिसर्चरों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में 120 से अधिक ओरल प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, पेटेंट, डिजाइन पेटेंट, टैक्नालाजी ट्रांसफर एवं कर्मशलाइज प्रोडक्ट को प्रस्तुत किया जाएगा। जिसका निर्णायक मंडल के द्वारा निरीक्षण करने पर सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित इंडस्ट्री के पदाधिकारी एवं आए हुए संस्थानों के डायरेक्टर, प्रिंसिपल के साथ फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया के पदाधिकारीगण, क्वालिटी आफ एजुकेशन एवं रिसर्च पर चर्चा करेंगे व उत्कर्ष बनाने के लिए मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ISF कॉलेज ऑफ फार्मेसी माह अक्टूबर 2026 में ICS 22 का आयोजन करने जा रहा है। इस अंतर राष्ट्रीय सिंपोजियम का हर दो वर्ष में आयोजन किया जाता है। ICS 18 का आयोजन अमेरिका में ICS 2019 का आयोजन टोक्यो, ICS 20 का आयोजन ईटली व ICS 21 का आयोजन फ्रांस में वर्ष 2024 में हुआ था। ICS का आयोजन 44 वर्ष में भारत में प्रथम बार किया जाएगा। यह अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम पांच दिन चलेगा, जिसमें 15 देशों के स्पीकर एवं कई देशों के 50 से अधिक साइंटिस्टों के साथ साथ लगभग पांच हजार लोग इसमें भागीदारी करके रिसर्च, इनोवेशन एवं तकनीकी व्याख्यान के साथ साथ कई रिसर्च प्रोजेक्टों पर बातचीत की जाएगी। यह कालेज रूरल एरिया एवं बार्डर एरिया के पास होने के बावजूद भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं रिसर्च को निरंतर प्रदान कर रहा है। 

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में ‘होली’ उत्सव रंगों और उमंग के साथ मनाया गया : स्मृति भल्ला 

मोगा 3 मार्च, (मुनीश जिन्दल)  दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मोगा में रंगों का पावन पर्व होली अत्यंत उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की खिलखिलाती मुस्कान, रंग बिरंगी सजावट और आनंदमय वातावरण से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों को होली के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व संबंधी बताया गया। शिक्षकों ने बच्चों को जीवन में रंगों के महत्व से अवगत करवाते हुए बताया कि लाल रंग प्रेम और साहस का प्रतीक है, पीला रंग खुशहाली और सकारात्मकता दर्शाता है, हरा रंग विकास और समरसता का संदेश देता है, जबकि नीला रंग शांति और स्थिरता का प्रतीक है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे इन मूल्यों को केवल त्योहार तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएँ। विभिन्न कक्षाओं के लिए अनेक मनोरंजक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। नन्हें विद्यार्थियों ने रंग भरने की प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण तथा इको-फ्रेंडली होली से संबंधित गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने एकता, क्षमा और खुशियाँ बाँटने के महत्व पर संवादात्मक सत्रों में भाग लिया। संगीत और समूह नृत्य प्रस्तुतियों ने उत्सव में चार चाँद लगा दिए। विद्यालय में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को प्राकृतिक और हर्बल रंगों का प्रयोग करने, जल की बर्बादी से बचने तथा एक दूसरे की भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करने की सलाह दी गई। “पानी की बचत करें” और “रासायनिक रंगों से बचें” का संदेश भी प्रभावी रूप से विद्यार्थियों को दिया गया। स्कूल की प्रिंसिपल स्मृति भल्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एकता, सकारात्मकता और नई शुरुआत का उत्सव है। प्रत्येक रंग हमें एक महत्वपूर्ण सीख देता है, प्रेम फैलाने की, सामंजस्य बनाए रखने की और दूसरों के जीवन में खुशियाँ भरने की। आइए, हम सभी जिम्मेदारी के साथ होली मनाएँ और इसके सच्चे संदेश को पूरे वर्ष अपने जीवन में अपनाएँ।” कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा एक दूसरे को शुभकामनाएँ देने और सुरक्षित एवं सार्थक होली मनाने के संकल्प के साथ हुआ। यह उत्सव आनंद और मूल्यों का सुंदर संगम प्रस्तुत करते हुए सभी के मन में खुशियों के रंग भर गया।

DN मॉडल स्कूल में ‘होली’ की रही धूम, अध्यापकों ने जूनियर विंग के साथ मनाया पर्व 

मोगा 3 मार्च, (मुनीश जिन्दल) DN मॉडल स्कूल में रंगों का त्योहार होली बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस मौके पर स्कूल की प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष तुषार गोयल, प्रिंसिपल सोनिया कलसी सहित अन्य अनेक अध्यापकों ने जूनियर विंग के साथ होली खेलकर ये त्योहार मनाया।  स्कूल की हिंदी की अध्यापिका ज्योति सूद व जीव विज्ञान की अध्यापिका अमनदीप बेदी ने मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई। जिसके बाद बच्चों ने रंगों के इस त्योहार को बड़े आनंद के साथ मनाया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों के लिए विशेष रूप से फूलों तथा प्राकृतिक रंगों की होली का आयोजन किया गया था। जिसमें बच्चों पर रंग बिरंगे फूलों की वर्षा की गई। फूलों की होली ने वातावरण को सुगंधित और आनंदमय बना दिया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे परिधानों और बच्चों की खुशियों से सराबोर दिखाई दिया, बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। प्रबंधन कमेटी व अध्यापक, नन्हे मुन्नों के साथ, एक संयुक्त तस्वीर में।  इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधान तुषार गोयल सहित अन्य मैनेजमेंट सदस्यों ने बच्चों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उन्हें सुरक्षित व प्रेमपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया। प्रिंसिपल सोनिया कलसी ने  भी विद्यार्थियों को प्राकृतिक रंगों से होली खेलने का संदेश दिया और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने नन्हे मुन्नों के साथ होली खेलकर बच्चों का उत्साह और भी बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में सामाजिक मूल्यों, आपसी प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी।  इस मौके पर स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य अश्वनी कुमार शर्मा, अविनाश गुप्ता, अनिल दीप भारद्वाज, अमित बंसल व राकेश गांधी भी मौजूद थे। 

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने प्रार्थना सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को मानव शरीर के अंगों का दिया ज्ञान : भल्ला

मोगा 10 फरवरी (मुनीश जिन्दल)  दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मोगा में विद्यार्थियों के मानव शरीर के अंगों एवं उनके कार्यों से संबंधित ज्ञान को परखने और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक रोचक एवं संवादात्मक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस गतिविधि ने प्रार्थना सभा को एक जीवंत शिक्षण मंच में परिवर्तित कर दिया, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। इस सत्र के दौरान त्वरित प्रश्नोत्तर, दृश्य संकेतों तथा विद्यार्थियों द्वारा स्वयं दिए गए स्पष्टीकरणों के माध्यम से हृदय, फेफड़े, मस्तिष्क, आमाशय तथा ज्ञानेन्द्रियों जैसे प्रमुख मानव अंगों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। संवादात्मक प्रश्नों और सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपने विषयगत ज्ञान का प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी अभिव्यक्ति कौशल को भी सशक्त किया। यह गतिविधि शैक्षणिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में तार्किक सोच, सहयोग भावना एवं मंच आत्मविश्वास को विकसित करने में सहायक रही। संपूर्ण सभा के दौरान श्रोता विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से पूर्णतः मंत्रमुग्ध रहे, जहाँ पाठ्यपुस्तक के ज्ञान को दैनिक जीवन से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ा गया। इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए प्रधानाचार्या स्मृति भल्ला ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “इस प्रकार की संवादात्मक प्रार्थना सभाएँ नियमित शिक्षण को सार्थक अनुभवों में बदल देती हैं। जब विद्यार्थी स्वयं भाग लेकर विषयवस्तु को समझाते हैं, तो सीखना अधिक गहन एवं स्थायी बनता है। ऐसी गतिविधियाँ जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करती हैं।”  प्रार्थना सभा का समापन प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसने विद्यालय की नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों एवं आनंददायक अनुभवात्मक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया। 

डी.एन मॉडल स्कूल में बारहवीं व दसवीं कक्षा की फेयरवेल DJ की धूम पर हर्षोल्लास से सम्पन्न : प्रिंसीपल सोनिया 

मोगा 09 फरवरी, (मुनीश जिन्दल) डी.एन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा बारहवीं व शैक्षणिक सत्र 2025-26 की दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए भव्य फेयरवेल समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और खुशी के साथ भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई, जिनमें गीत, नृत्य और भावनात्मक भाषण शामिल रहे। समारोह संबंधी जानकारी स्कूल की हिंदी की अध्यापिका ज्योति सूद व जीव विज्ञान की अध्यापिका अमनदीप बेदी ने मीडिया कर्मियों से जानकारी साझा की।  उन्होंने बताया कि दोनों ही समारोह की शुरुआत स्कूल की प्रिंसिपल सोनिया कलसी द्वारा दीपशिखा प्रज्वलित करके की गई। बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी अपने अध्यापकों के साथ एक संयुक्त तस्वीर में।  समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दी। बारहवीं कक्षा के विदायगी समारोह में मिस्टर और मिस फेयरवेल का चयन किया गया। जिसमें कॉमर्स स्ट्रीम से मिस्टर फेयरवेल का खिताब सहजप्रीत सिंह सिद्धू ने जब्कि भाविका सूद ने मिस फेयरवेल का खिताब जीता। वहीं साइंस स्ट्रीम से मिस्टर फेयरवेल का खिताब मनवीर सिंह ने व सुखमनप्रीत कौर ने मिस फेयरवेल का खिताब जीता।  इसी प्रकार दसवीं कक्षा के समारोह के दौरान भी मिस्टर फेयरवेल और मिस फेयरवेल का चयन किया गया, जिसमें प्रियंबदा उप्पल मिस फेयरवेल जबकि जय अरोड़ा मिस्टर फेयरवेल चुने गए। दसवीं कक्षा की फेयरवेल में स्कूल प्रबंधन कमेटी की और से स्कूल के दो सीनियर अध्यापक मैडम सुमन शर्मा तथा मैडम तरुण सोढ़ी को उनके अतुलनीय योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गयाl कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा अध्यापकों को विभिन्न उपाधियों से सम्मानित किया गया, जिससे शिक्षक भावुक और गौरवान्वित नजर आए। दसवीं कक्षा के मिस व मिस्टर फेयरवेल विजेता अध्यापकों के साथ। बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। स्कूल की प्रिंसिपल सोनिया कलसी ने अपने प्रेरणादायक भाषण में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर मेहनत करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। वहीं मैनेजमेंट के अध्यक्ष तुषार गोयल एवं अन्य मैनेजमेंट सदस्य ने भी छात्रों को आने वाले बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी।  दसवीं की फेयरवेल की एक यादगार तस्वीर में विद्यार्थी व अध्यापक। दोनों ही समारोह का समापन स्मृति-चिह्नों और सामूहिक फोटोग्राफ के साथ हुआ, जो कि सभी के दिलो दिमाग पर अपनी अमिट यादें छोड़ गया। 

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में वसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न : सुश्री स्मृति 

मोगा 23 जनवरी (मुनीष जिन्दल) दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में वसंत पंचमी का पावन पर्व बड़ी ही श्रद्धा व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। इस बात की जानकारी स्कूल की प्रिंसिपल सुश्री स्मृति भल्ला ने मीडिया कर्मियों से साझा की।  उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई, जिसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने विद्या, बुद्धि और सृजनशीलता की देवी माँ सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर मंत्रोच्चारण और भक्ति भाव से वातावरण भक्तिमय हो गया। जिसके बाद पूजन के उपरांत किंडरगार्टन के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने पतंग निर्माण गतिविधि में बढ़ चढ़कर भाग लिया, जो स्वतंत्रता, आनंद और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। पीले रंग के काग़ज़, रंगों एवं सजावटी सामग्री का उपयोग करते हुए बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का सुंदर प्रदर्शन किया। इस गतिविधि से बच्चों की सूक्ष्म मोटर क्षमताओं का विकास हुआ तथा उन्हें उत्सव के सांस्कृतिक महत्व को अनुभवात्मक रूप से समझने का अवसर मिला। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री स्मृति भल्ला ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “वसंत पंचमी ज्ञान, सकारात्मकता और नवीन आरंभ का पर्व है। इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से हम विद्यार्थियों में प्रारंभिक अवस्था से ही संस्कार, परंपराएँ और रचनात्मकता विकसित करने का प्रयास करते हैं। हमारे नन्हे विद्यार्थियों का उत्साह और आनंद देखना अत्यंत सुखद है।” कार्यक्रम का समापन प्रसन्नता एवं उल्लास के वातावरण में हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यालय में परंपरा और आनंददायक शिक्षण के संतुलन के माध्यम से समग्र शिक्षा के प्रति दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल का कैंपस फिर से उत्साह, मुस्कान और उमंग से भरा : स्मृति भल्ला

मोगा 15 जनवरी (मुनीश जिन्दल) दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में सर्दी की एक ताज़गी भरी छुट्टी के बाद, स्कूल का कैंपस फिर से उत्साह, मुस्कान और उमंग से भर गया है। छात्रों का स्वागत बड़े ही जोश से किया गया, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बेहद खास बनी। इन शब्दों का प्रगटावा स्कूल की प्रिंसिपल सुश्री स्मृति भल्ला। उन्होंने बताया कि आज के दिन का एक प्रमुख आकर्षण था, छात्रों द्वारा बनाई गई सुंदर पोर्टफोलियो। हर पोर्टफोलियो में रचनात्मकता, मौलिकता और प्यार झलक रहा था, जो यह दिखाता है कि छात्रों ने अपनी छुट्टियों का सदुपयोग किया है। इन पोर्टफोलियो ने कैंपस को विचारों, कौशल और आत्म-अभिव्यक्ति की रंगीन गैलरी में बदल दिया, जिससे स्कूल लौटने का अनुभव और भी खास बन गया। स्कूल द्वारा आयोजित विशेष सभा ने नए सत्र की शुरुआत को सकारात्मक दिशा दी। इसमें प्रेरणा, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि छात्र जिज्ञासु और आत्मविश्वासी बने रहें। शिक्षकों ने छात्रों की सराहना की और नियमितता और रचनात्मकता के महत्व को उजागर किया। प्रिंसिपल भल्ला ने छात्रों की सराहना की और उनकी सकारात्मक ऊर्जा की तारीफ  करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ छात्रों को लंबे ब्रेक के बाद स्कूल से फिर से जोड़ने में मदद करती हैं और समग्र विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने छात्रों को आगे बढ़ने, सवाल करने और उत्साह के साथ सीखने के लिए प्रेरित किया। इस गर्मजोशी भरे स्वागत और रोचक गतिविधियों ने यह सुनिश्चित किया कि छात्र प्रेरित, मूल्यवान महसूस करें और नए सत्र की शुरुआत ऊर्जा और फोकस के साथ करें। यह दिन सच में सर्दी की छुट्टियों से स्कूल जीवन की ओर एक प्रेरणादायक और स्मरणीय प्रवेश था।

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में उत्साह और रचनात्मकता के साथ मनाया गया गणित दिवस : स्मृति भल्ला

मोगा 23 दिसंबर, (मुनीश जिन्दल)  दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में गणित दिवस को बड़े उत्साह और रचनात्मकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गणित की सुंदरता को एक अनोखे वर्णमाला क्रम में प्रस्तुत कर सभी को अचंबित किया। इस गतिविधि ने संख्याओं और सूत्रों को रोचक बनाते हुए गणित को आनंदमय अनुभव में बदल दिया। स्कूल की प्रिंसिपल सुश्री स्मृति भल्ला ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ गणितीय अवधारणाओं को वर्णानुक्रम में प्रस्तुत किया, A से Algebra, B से Brackets, C से Calculator, D से Division आदि। प्रत्येक अक्षर को उदाहरणों, चित्रों और सरल तर्क के माध्यम से समझाया गया, जिससे विद्यार्थियों की स्पष्ट समझ और नवाचारी सोच दिखाई दी। इस गतिविधि ने गणितीय शब्दावली को मजबूत करने के साथ साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल और वैचारिक स्पष्टता को भी बढ़ाया। इस आयोजन ने यह दर्शाया कि गणित केवल गणनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तार्किक सोच और दैनिक जीवन में समस्या समाधान की आधारशिला है। कक्षाओं का वातावरण जिज्ञासा, उत्साह और सीखने की सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। प्रिंसिपल स्मृति भल्ला ने विद्यार्थियों के प्रयासों और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ, छात्रों में गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती हैं और विषय से जुड़े भय को दूर करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रचनात्मक और सहभागितापूर्ण शिक्षण से विषयवस्तु अधिक प्रभावी और स्थायी बनती है। गणित दिवस का यह आयोजन विद्यालय की नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों और समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसने विद्यार्थियों को गणित को रोचक, सरल और भविष्य उन्मुख विषय के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।

आधुनिक युग में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ समय की जरूरत : प्रिंसिपल सोनिया कलसी

मोगा 23 दिसंबर, (मुनीश जिन्दल) मोगा की प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्था डी.एन माडल स्कूल में ‘एक्सप्लोरा एग्जिबिशन’ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सभी को चकित कर दिया। स्कूल की प्रिंसिपल सोनिया कलसी की अगुवाई एवं अध्यक्ष तुषार गोयल के दिशा निर्देश तहत एग्जिबिशन में छात्रों के अभिभावक भी अपने बच्चों की प्रतिभा को देखने के लिए पहुंचे। इस प्रदर्शनी में चौथी कक्षा से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने साइंस, गणित एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विषयों पर चार्ट एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से अपने अपने विषय को बढ़िया ढंग से प्रस्तुत किया।  प्रदर्शनी में अपने मॉडल के साथ विद्यार्थी। स्कूल की हिंदी की अध्यापिका ज्योति सूद ने बताया कि विद्यार्थियों ने प्रत्येक विषय पर सवालों के बाखूबी जवाब दिए। विद्यार्थियों ने इस प्रदर्शनी के माध्यम से बताया कि किस तरह आज के आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समय की जरूरत बन चुकी है। इस मौके पर स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधान तुषार गोयल, सचिव अश्वनी शर्मा मट्टू, मैनेजमेंट सदस्य रिक्की अरोड़ा, दीप बांसल, योगेश ठाकुर सीए, अविनाश गुप्ता,अमित बांसल, कपिल सूद, स्वयं बांसल, गौरव गर्ग, अंकुर प्रताप, साहिल गोयल, हेमंत सूद, विपिन सूद, जगदीश अग्रवाल व मनी पलता आदि उपस्थित थे। जबकि स्कूल की तरफ से प्रदर्शनी के इंचार्ज मुनीश, रेणु चानना, सोनिका बांसल, अरविंद सूद, मीनाक्षी पुरी, कृतिका, विजय मित्तल, दीपक बांसल, वंदना, शमा गोयल सहित अन्य अध्यापकों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस मौके पर प्रबंधन कमेटी के प्रधान तुषार गोयल ने कहा कि ‘एक्सप्लोरा एग्जिबिशन’ के माध्यम से छात्रों ने अपने विषयों को अभिभावकों एवं अध्यापकों के समक्ष सुंदर अंदाज में पेश किया है। जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। प्रिंसिपल सोनिया कलसी ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य सुनहरी हाथों में देख प्रसन्नचित थे। छात्रों ने पूरी मेहनत एवं लग्न से एग्जिबिशन की तैयारी की थी। मैडम सोनिया ने कहा कि इस प्रदर्शनी की सफलता में अध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए गए अनेक वर्किंग मॉडल भी थे, जिनमें विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीक तथा विभिन्न प्रकार के सेंसरों का सफलतापूर्वक प्रयोग किया। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक की जटिल अवधारणाओं को सरल और रोचक रूप में प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थिति ने खूब सराहना की।  समूह मैनजमेंट सदस्यों ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का विशवास दिलाया। स्कूल की प्रिंसिपल मैडम कलसी ने इस सफल प्रदर्शनी के लिए स्कूल के समूह स्टाफ सहित विद्यार्थियों को बधाई दी।

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के स्वच्छता अभियान ने बच्चों में नागरिक कर्तव्य की भावना को किया जागरूक : स्मृति भल्ला

मोगा 22 दिसंबर (मुनीश जिन्दल) जिले के नामवर शिक्षण संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में “स्वच्छता – प्रत्येक नागरिक का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य” विषय के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए एक स्वच्छता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही स्वच्छता, जिम्मेदारी और अच्छे नागरिक बनने के मूल्यों को विकसित करना था। इस बात की जानकारी स्कूल की प्रिंसिपल स्मृति भल्ला ने मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों को अपने आस-पास, कक्षा तथा दैनिक जीवन में स्वच्छता के महत्व संबंधी मार्गदर्शन दिया गया। शिक्षकों ने बच्चों से जहां यह प्रश्न पूछे कि स्वच्छता क्यों आवश्यक है, वहीं विद्यार्थियों को ये बताया गया कि एक अच्छे नागरिक के रूप में हर व्यक्ति की जिम्मेदार भागीदारी क्यों जरूरी है। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों की सोच को जागृत करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं बल्कि सामूहिक कर्तव्य है, जो अनुशासन, सार्वजनिक स्थलों के प्रति सम्मान और देश के प्रति प्रेम को दर्शाता है। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए और अपने घर, विद्यालय तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। प्रिंसिपल सुश्री स्मृति भल्ला ने आगे कहा कि “स्वच्छता की शुरुआत जागरूकता से होती है और जब यह जागरूकता बचपन से विकसित की जाती है, तो वही जागरूकता आगे चलकर जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाती है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को यह समझाते हैं कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।” उन्होंने बताया कि स्कूल का यह अभियान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और सभी में यह संदेश सफलतापूर्वक पहुंचाया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदार भागीदारी आवश्यक है।
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